रियल पार्लर शॉपिंग साथ आप लोगों के लिए खाना बनाना अरे पता भी है आपको इन सब कामों के बीच कितनी थक जाती हूं मैं यह कहकर शालिनी वहां से चली जाती है और अपनी मां और भाभी की यह बातें सुनकर और मोहन को राशि की बात समझ आ जाती है राशि ही सही बोल रही थी ऐसे भी है इन सबके के बाद मां का राशि के लिए हां बोलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है अब क्या करूं ऐसे ही दिन और ऐसे महीने बीत जाते हैं ससुराल वाले शालू से बिल्कुल परेशान हो जाते हैं राजीव मोहन का बड़ा भाई बोलता है तुम्हें कितनी बार बोला है कि मेरे तैयार होने से पहले नाश्ता बना लिया करो ऑफिस के लिए लेट हो जाता है शालू बोलती है सबको लगता है मैं आपकी पत्नी हूं जी नौकरानी नहीं इस घर में जितना करो उतना ही सबके लिए कम है मैं तो यहां काम ही कर कर के थक गयी पर किसी को कदर नहीं यह सब बड़बड़ा कर शालू चली जाती है लेकिन उसकी बात सुन मोहन को आईडिया जाता है और वह अपने भाई के पास जाकर उन्हें अपने और राशि बारे में सब कुछ बता देता है राजीव बोलै यह तो मुझे पता था कि तेरी कोई गर्लफ्रेंड है लेकिन तूने तो मेरे ही ससुराल में डाका मारा हुआ है और वैसे भी शालू के हाल देखकर लगता है कि तुझे मां मानेगी भाई मोहन बोला वह भाभी जैसी नहीं है इसीलिए बोल रहा हूं मेरा आईडिया मस्त है प्लीज भाई मोहन की बात सुन राजीव अपनी भाई की खुशी के लिए बात मान लेता है और शालू के पास जाता है वैसे आज जो तुम और ज्यादा काम की बात कर रही थी ना क्यों ना हम तुम्हारे लिए घर में तुम्हारी मदद के लिए किसी को लेकर आए अब क्या अपने मां की पसंद वाली मेरे लिए सौतन लेकर आओगे अरे पगली उस दिन तुम्हारी बहन को यहां रहने के लिए बुला लेते हैं वह काम करेगी और तुम आराम करना इससे तुम्हें शादी वाली बात पर उससे बदला भी मिल जाएगा बहन से पहले भी कुछ खास जोड़ी ना बन पाने की वजह से शालिनी बहुत सारी बातें पर परेशान करने का सोच रही थी फिर राशि को अपने ससुराल रहने के लिए बुला लेती है मोहन बोला तुम यहां आ गई अब बस किसी तरह मेरी मां को पटाना शुरू कर दो राशि बोली वह तो ठीक है लेकिन अगर दीदी ने कोई गड़बड़ कर दी तो उसका भाई बोला तुम उसकी चिंता मत करो मैं संभाल लूंगा और इसके बाद राशि पूरे समय शासकीय पसंद ना पसंद के हिसाब से उनका दिल जीतने के लिए कोशिश करने लग जाती है और बोलती है आंटी जी आज खाने में क्या बनाना है सास बोली अरे मुझे क्या पता यह क्या कम थी जो दूसरी भी सर पर आकर बैठ गई इसी तरह कुछ दिन बीते हैं जिसमें राशि सब को खुश रखने में अपनी पूरी जान लगा देती है और देखते ही देखते अब मोहन की मां भी उसे पसंद करने लगती है सांस बोली जब तुम आए लगा कि एक और मुसीबत आ गई पर मानना पड़ेगा दोनों बहनों में जमीन आसमान का फर्क है तुम बहुत नेक दिल हो और सब का ख्याल भी रखती हो जिस भी घर जाओगे ना उसे खुशियों से भर दोगी सास की यह बात सुनकर मौके पर चौका मारते हुए राजीव राशि और मोहन शादी की बात छेड़ देता है जिसे सुन कुछ देर तो सब सकते में आ जाते हैं लेकिन कुछ देर बाद सांस बोलती है आईडिया बुरा नहीं है कम से कम एक तो अच्छी बहु मिलेगी और इसी रजामंदी के साथ मोहन और राशि चट मंगनी और पट शादी कर लेते हैं|
How Do I Recover My MSN Email?
Whatever the reason may be, knowing the steps necessary to recover your account will be crucial. By following a couple of straightforward advances, you can get Microsoft to help you so you recover admittance to your record. MSN accounts are not as mainstream as they used to be but rather individuals actually use them for different purposes. A great many people who have MSN accounts use them to find support for their Microsoft/Windows issues. Account recovery issues typically pertain to problems occurring when trying to access the account. Such issues can incorporate failing to remember the record secret phrase, absence of admittance to the record's email address or resetting the secret key when you think your account has been hacked. In any of the above situations, knowing the means important to recuperate your record will be pivotal. By following a couple of straightforward advances, you can get Microsoft to help you so you recover admittance to your record. There are a fe...
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